फैस्टिव फिटनैस टिप्स

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उत्सवी माहौल होता ही ऐसा है कि लोग दिनरात मौजमस्ती के रंग में रंगे रहते हैं. ऐसे में वक्तबेवक्त सोना और खानापीना तो आम बात है. हां, इन वजहों से आप की सेहत खराब न हो, इस के लिए यहां बताई गई बातों पर गौर जरूर करें.

खानपान

फैस्टिव सीजन में मिठाई और पार्टी से पूरी तरह परहेज करना मुमकिन नहीं होता. फिर भी अपने डेली रूटीन में कुछ बातों का ध्यान रखने से आप काफी हद तक त्योहारों के साइड इफैक्ट्स से खुद को महफूज रख सकती हैं.

– हमारे शरीर में पानी का बहुत ज्यादा महत्त्व है. अत: सुबह उठ कर 2 गिलास कुनकुना पानी पीने से शरीर के अच्छे बैक्टीरिया शरीर में रहते हैं और पानी शरीर को नई ऊर्जा देता है. इस के कुछ देर बाद अजवाइन को उबाल कर उस के पानी को पीने से आप काफी हद तक फैट को कंट्रोल कर सकती हैं. दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना न भूलें.

– सुबह खाली पेट 1 चम्मच अलसी के बीज भी कोेलैस्ट्रौल कम करने में सहायता कर सकते हैं. नमकरहित खाना या खाने में कम नमक का प्रयोग करने से भी आप अपने वजन को कंट्रोल कर सकती हैं, साथ ही बैली फैट भी नहीं बढ़ता. ब्लडप्रैशर भी ठीक रहता है. त्योहारों के दौरान रात के खाने से ले कर सुबह के नाश्ते तक हफ्ते में 2 दिन नमक का प्रयोग करें.

– खाना खाने से आधा घंटे पहले और 1 घंटा बाद पानी न पीएं. पूरे दिन में न ज्यादा ठंडा न ज्यादा गरम पानी पीएं. ऐसा करने से पाचनशक्ति बढ़ाने में मदद मिलेगी.

– घर में बनने वाली मिठाई में चीनी की जगह गुड़ का प्रयोग करें. दुकान से भी बेसन से बनी मिठाई ही खरीदें. काफी शोधों से पता चला है कि चीनी, गेहूं और दूध शरीर में जलन पैदा करते हैं, जिस से शरीर में ऊर्जा की कमी होने लगती है.

– नीबू पानी या विटामिन सी सप्लिमैंट लेने से जलन से बचा जा सकता है.

अच्छी नींद

फैस्टिव सीजन की भागदौड़ के चलते महिलाएं भरपूर नींद नहीं ले पातीं. जो बहुत नुकसानदायक सिद्ध होता है. इसलिए कम से कम 6-7 घंटे की नींद जरूर लें, क्योंकि सोने के दौरान शरीर से निकलने वाला कैमिकल मैलाटोनिन शरीर को ऊर्जावान बनाता है.

वार्मअप ऐक्सरसाइज

चाहे आप गृहिणी हों या कामकाजी सभी को त्योहारों के कामकाज से निबटने के लिए ऐनर्जी की जरूरत होती है. अत: इस के लिए सुबह की हुई वार्मअप ऐक्सरसाइज पूरे दिन के लिए ऊर्जा से भर देती है. ये ऐक्सरसाइजेज बहुत ही सरल और इफैक्टिव हैं.

– घुटनों को बारीबारी से 10-10 बार छाती की तरफ ले जाना.

– एक ही जगह 2 मिनट खड़े हो कर जौगिंग करना.

– 4-4 बार फौरवर्ड बेंडिंग ऐंड साइड बेंडिंग करना.

– 5-5 बार धीरेधीरे दोनों ओर गरदन घुमाना.

शारीरिक और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए कानों को कंधों से छुआना, कंधों को घुमाना. नैक स्ट्रैचिंग को भी आजमाया जा सकता है.

पोस्चर

– खड़े हो घुटनों को हलका सा मोड़ कर रखें.

– सोते समय 1 तकिया गरदन के नीचे और 1 तकिया पैरों के बीच में करवट सोते हुए और सीधे सोते हुए तकिया घुटनों के नीचे लगाएं.

– गाड़ी में घूमते समय अगर गाड़ी की सीट नीची है तो एक कुशन कूल्हों के नीचे लगा कर बैठें.

– सीधा कमर को न मोड़ कर घुटनों को मोड़ कर नीचे झुक कर कोई चीज उठाएं.

– एक पैर को आगे और एक को पीछे रख कर ऊपर से कुछ उतारें.

– खाना पकाते समय कंधों को पीछे रखें और गरदन को हर 2-3 मिनट में सीधा करती रहें.

– डा. एकता अग्निहोत्री(grihshobha)

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